समन्वय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग (सी और आईसी) विभाग

समन्वय मामले:

यह यूनिट मंत्रालय के समन्वय कार्य, संसदीय मामले, लोक शिकायत (पीजी), मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के प्रकाशन, रिकॉर्ड रिटेंशन शिड्यूल, मंत्रालय की वार्षिक कार्य योजना, मंत्रालय के वर्गीकृत और अवर्गीकृत रिकार्डों की अभिरक्षा, अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों और निःशक्त व्यक्तियों से संबंधित विभिन्न रिपोर्टें प्रस्तुत करने आदि से संबंधित है।

संसदीय मामले

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1संसदीय प्रश्नयहां क्लिक करे
2आश्वासन
3परामर्शदात्री समिति की बैठकें (प्रभाग विशिष्टि मुद्दों को छोड़ कर)
4ध्यानाकर्षण नोटिस
5विभाग सम्बद्ध स्थायी समिति
6नियम 377 के अंतर्गत लोक सभा में उठाए जाने वाले मामले
7राज्य सभा में विशेष उल्लेख के द्वारा उठाए जाने वाले मामले

वार्षिक रिपोर्टे

गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करना तथा इसका प्रकाशन करना

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1वार्षिक रिपोर्टयहां क्लिक करे

प्रशासनिक सुधार

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1प्रभाग विशिष्टो रिपोर्टों को छोड़कर, द्वितीय प्रशासनिक सुधार-आयोग की 15 रिपोर्टों में निहित गृह-मंत्रालय से संबंधित सिफ़ारिशों के कार्यान्वयन से जुड़ा कार्ययहां क्लिक करे

लोक शिकायत

  • गृह मंत्रालय के बारे में लोक शिकायतों से संबंधित समन्वय कार्य । हार्ड कॉपी और केन्द्रीय लोक शिकायत निवारण तथा मॉनिटरिंग सिस्टम (सीपीजीआरएएमएस) के माध्यम से भी प्राप्त लोक शिकायतें, गृह मंत्रालय में संबंधित प्रभाग को भेज दी जाती हैं, जो सभी शिकायतें देखता है। संयुक्त सचिव (समन्वय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) को लोक शिकायतों के नोडल अधिकारी के रूप में नामोद्दिष्ट किया गया है।
  • नोडल अधिकारी का संपर्क ब्योरा निम्नवत् है :-

    सुश्री सहेली घोष रॉय
    संयुक्त सचिव (समन्वय एवं लोक शिकायत)
    कमरा नम्बर-188, नॉर्थ ब्लॉक,
    नई दिल्ली-110001
    टेलिफैक्स नम्बर-23092392
    ई-मेल – jscpg-mha[at]nic[dot]in

  • संबंधित प्रभाग से जुड़ी लोक शिकायतों के निवारण की प्रगति को मॉनीटर करने के लिए प्रत्येक प्रभाग द्वारा भी एक लोक शिकायत अधिकारी नामित किया जाना अपेक्षित है । उनका ब्योरा संबंधित प्रभागों की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाया जाए।
  • केन्द्रीय रूप से शिकायतों को दर्ज करने के लिए, कृपया क्लिक करें: http://www.pgportal.gov.in

मासिक रिपोर्टें / विवरणियां :

  • विभिन्न प्रभागों में आवतियों/सांसदों/अति विशिष्ट व्यक्तियों के पत्रों, प्रधानमंत्री कार्यालय के पत्रों के संबंध में लम्बित मामलों की स्थिति, मंत्रिमंडल को भेजे जाने के लिए मासिक सार और मंत्रिमंडल-सचिव को भेजे जाने वाले मासिक अर्द्ध शासकीय पत्र, ई-समीक्षा इत्या्दि का संकलन ।

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय दिवस

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1राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय दिवसों की घोषणा किए जाने के बारे में नीति और दिशानिर्देश डाउनलोड (580.85 KB) pdf

राजभाषा

यह प्रभाग निम्नलिखित से संबंधित कार्य देखता है :-

  • गृह-मंत्रालय और इसके संबंद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों में राजभाषा अधिनियम का कार्यान्वंयन I
  • अंग्रेज़ी से हिंदी और विलोमत: अनुवाद से जुड़ा संपूर्ण कार्य ।
  • हिंदी-सलाहकार-समितियों की बैठक का आयोजन I
  • मंत्रालय में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने विभिन्न योजनाओं का संचालन।

पुस्तकालय

  • गृह मंत्रालय में स्थित पुस्तकालय में दर्शन-शास्त्र, विधि, लोक प्रशासन, आतंकवाद, नक्सल प्रबंधन, केन्द्र-राज्य संबंध, सीमा प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा, पुलिस और पुलिस आधुनिकीकरण, साहित्य, कथा-साहित्य, भूगोल, इतिहास इत्यादि जैसे गृह मंत्रालय के काम-काज की दृष्टि से संगत विभिन्न विषयों से संबंधित लगभग 1,10,000 पुस्तकें हैं। इस पुस्तकालय में 1931 से अब तक की भारत की जनगणना के प्रकाशन, भारत के राजपत्र के प्रकाशनों के कुछ चुनिन्दा भाग, ऑल इंडिया रिपोर्टर, सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट जैसे विधि संबंधी पत्र-पत्रिकाएं, लोक सभा और राज्य सभा की बहसें, 50 के दशक के मध्य से अब तक की गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्टें उपलब्ध हैं। अन्य महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं (जर्नलों) में से कुछ, उच्चकतम न्यायालय के मामले, सर्विस लॉ रिपोर्टर, क्रिमिनल लॉ जर्नल, ऑल इंडिया सर्विस लॉ जर्नल इत्यादि इस पुस्तकालय में उपलब्ध हैं। संदर्भ संग्रह के एक भाग के रूप में, इस पुस्तकालय में शब्द-कोश, विश्व-कोश (एन्साइक्लोपीडिया), ए.आई.आर मैन्युअल्स, केन्द्रीय अधिनियमों और नियमों के विश्वस–कोश (एन्साइक्लोपीडिया), गृह मंत्रालय द्वारा गठित किए गए आयोगों की महत्वपूर्ण रिपोर्टें उपलब्ध हैं।

विविध मामले

  • विभिन्न प्रभागों में कार्य के आबंटन के संशोधन से संबंधित पिंक बुक का प्रकाशन।
  • गृह मंत्रालय में निपटान के स्तर तथा प्रस्तुतीकरण के चैनल से संबंधित ग्रीन बुक का प्रकाशन।
  • विभिन्न प्रभागों के लंबित अदालती मामलों की स्थिति से संबंधित मामले, विधिक सूचना प्रबंधन तथा ब्रीफिंग प्रणाली (एल आई एम बी एस)।
  • वित्त मंत्री के बजट-भाषण तथा संसद के दोनों सदनों के लिए भारत के राष्ट्रपति के अभिभाषण, प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण के लिए सामग्री तैयार करना।
  • रिकार्ड रिटेंशन शिड्यूल।
  • भारत केराष्ट्रीय अभिलेखागार को अंतरित फाइलों/रिकार्डों की सूची।
  • मंत्रालय की वार्षिक कार्य योजना।
  • मंत्रालय के वर्गीकृत तथा अवर्गीकृत रिकार्डों की अभिरक्षा।
  • अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों तथा दिव्यांग व्यक्तिैयों के रोजगार से संबंधित विभिन्न रिपोर्टें भेजना इत्यादि।
  • उपर्युक्त के अलावा समन्वय प्रभाग अन्य विविध मदों, अर्थात् वर्गीकृत डाक सहित डाक की प्राप्ति और वितरण; तथा अति गुप्त फाइलों के रख-रखाव और अभिरक्षा से संबंधित कार्य भी देखता है।

अन्य

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1संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखे गए दस्तावेजों का डिजीटल डिपोजिटरीडाउनलोड (23.06 KB) PDF

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मामले

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग

  • यह यूनिट अंतर्राष्ट्रीय/द्विपक्षीय सुरक्षा मामलों जैसे कि पारस्परिक कानूनी सहायता संधि, सुरक्षा संबंधी मामलों पर करार/समझौता ज्ञापन, सार्क से संबंधित सुरक्षा मामले इत्यादि के संबंध में नीतियों/समन्वय से संबंधित मामलों को देखती है।
  • अपराध करने वाले अपराधकर्ताओं अथवा संभावित अपराधकर्ताओं, खासतौर से जो अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, संगठित अपराध तथा नारकोटिक ड्रग्स के अवैध व्यापार इत्यादि में संलिप्त हैं, की कार्यप्रणाली प्रोद्योगिकी की प्रगति के सा‍थ विकसित और परिवर्तित हुई है तथा इनका स्वरूप राष्ट्र्रीय हो गया है। तदुनसार, मंत्रालय ने राष्ट्र्रीय अपराध, आतंकवाद तथा अन्य गंभीर अपराधों जैसे ड्रग्स का अवैध व्यापार, धन-शोधन, जाली मुद्रा, हथियारों तथा विस्फोटक पदार्थों की तस्करी, इत्या्दि से निपटने के लिए विभिन्न देशों के साथ सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विभिन्न बहुपक्षीय/द्विपक्षीय पहलों की शुरूआत की है तथा इनका अनुसरण किया है।

द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय पहलें

  • अंतर्राष्टीय आतंकवाद सहित अपराध से निपटने के लिए विधिक तंत्र में आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता संधि, संगठित अपराधों का सामना करने के लिए समझौता ज्ञापन/द्विपक्षीय करार, आतंकवाद/अंतराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त कार्य समूह, जो भारत तथा अन्य देशों के मध्य द्विपक्षीय आधार पर हस्तांक्षरित हुए हैं, शामिल है। इस प्रकार की संधियां/करार अपराध के विभिन्न रूपों जैसे आतंकवाद, ड्रग्स का अवैध व्या्पार, धन-शोधन, भारतीय मुद्रा नोटों की जालसाजी के विरुद्ध द्विपक्षीय सहयोग सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से किए गए हैं।
  • भारत तथा संयुक्तच राज्य अमेरिका के बीच होमलैंड सिक्योएरिटी डायलॉग (एचएसडी) एक फोरम है जिसके द्वारा भारत तथा संयुक्त‍ राज्य अमेरिका, दोनों देशों के बीच सुरक्षा मामलों में सहयोग पर चर्चा करते हैं।
  • भारत तथा यू. के. के बीच होम अफेयर्स डायलॉग (एचएडी) दोनों देशों को परस्पमर प्रभावित करने वाले मुद्दों पर चर्चा करने तथा विचार-विमर्श करने के लिए एक फोरम है।

आपराधिक मामलों में पारस्परिक विधिक सहायता संधि

  • आपराधिक मामलों के संबंध में पारस्पैरिक विधिक सहायता संधियां करने के लिए गृह मंत्रालय नोडल मंत्रालय है, ये संधियां अपराध की जांच करने, अभियोजन चलाने और रोकथाम करने, सम्म,न और अन्य न्यांयिक दस्ताकवेजों की तामील करने, वारंट और अन्यच न्याायिक अधिकारों का निष्पामदन करने तथा अपराध के जुड़ी संपत्ति और दस्ताीवेजों का पता लगाने, रोकथाम करने, जब्तीा अथवा अधिहरण करने में आपसी सहयोग के व्यांपक उपायों को सुचारू बनाने के लिए तैयार की जाती हैं।
  • ये करार अंतरराष्ट्री य संगठित अपराधों, सीमा पार आतंकवाद, अपराधों और अन्य् गंभीर अपराध जैसे ड्रग तस्क री, धनशोधन, जाली करेंसी, हथियारों और विस्फो टक सामग्रियों की तस्कधरी आदि को रोकने में बड़ा महत्वर रखते हैं। भारत ने अभी तक निम्न लिखित 41 देशों के साथ ये संधियां की हैं:-

देश

आस्ट्रेलिया अजरबाइजान बहरीन बांग्लाादेश बेलारूस
बोस्निया तथा हर्जेगोविना बुल्गाोरिया कनाडा कम्बोडिया मिस्र
फ्रांस हांगकांग एसएआर ईरान इंडोनेशिया इस्राइल
कजाकिस्ताान कुवैत किर्गिज गणतंत्र मलेशिया मॉरिशस
मैक्सिको मंगोलिया मोरक्कय म्यांमार ओमान
रूस सिंगापुर स्पेन श्रीलंका दक्षिण अफ्रीका
दक्षिण कोरिया स्विटजरलैण्ड ताजिकस्ता्न थाईलैण्ड तुर्की
यूक्रेन संयुक्त अरब अमीरात यूनाइटेड किंगडम यूएसए उज्बेकिस्तान
वियतनाम - - - -
  • इसके अतिरिक्त भारत ने वर्ष 2008 में अन्य‍ सार्क देशों के साथ आपराधिक मामलों में परस्पर सहायता संबंधी कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए हैं। तब से भारत ने कन्वेंशन का अनुसमर्थन किया है। नेपाल, पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान द्वारा कन्वेंशन का अनुसमर्थन करने के पश्चात यह कन्वेंशन लागू होगा। इस कन्वेंशन का उद्देश्य अपराध की जांच तथा अभियोजन में क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करना है।

ड्रग्स और इससे संबंधित मामलों से निपटने पर द्विपक्षीय समझौता

  • भारत ने अफगानिस्तापन, बांग्लागदेश, बल्गाूरिया, कंबोडिया, चीन, क्रोएशिया, साइप्रस, मिस्र, फ्रांस, इंडोनेशिया, इजराइल, इटली, कुवैत, लाओस पी.डी.आर., मॉरीशस, म्यांमार, नेपाल, पोलैंड, कतर, रोमानिया, रूस, श्रीलंका, ताजिकिस्ताीन, तुर्की, यू.ए.ई., यू.एस.ए., उज्बेकिस्ता न और जाम्बिया के साथ ड्रग्सज संबंधी मुद्दों पर द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताकक्षर किए हैं। इसके अतिरिक्तर, भारत द्वारा ऑस्ट्रेषलिया, भूटान, इंडोनेशिया, ईरान, मालदीव, मोजाम्बिक, ओमान, पाकिस्ता न, सिंगापुर, थाइलैंड, यूएसए और वियतनाम के साथ भी ड्रग्सा संबंधित मुद्दों पर समझौता ज्ञापन पर हस्तााक्षर किए गए हैं।

सार्क

  • वर्ष 1985 में राष्ट्रों के संघ के रूप में सार्क की स्थाकपना की गई थी जिसका उद्देश्य् दक्षिण एशिया के लोगों की बेहतरी को बढ़ावा देने और उनके जीवन-स्त र को सुधारने; आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और सांस्कृरतिक विकास तेज करने; इस क्षेत्र के देशों के मध्य संपर्कों को सुदृढ़ बनाने; और आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृकतिक, तकनीकी और वैज्ञानिक क्षेत्रों में पारस्पोरिक सहयोग और सहायता को प्रोत्सा,हन देने का था।
  • सार्क दक्षिण एशिया में सहयोग हेतु एकमात्र क्षेत्रीय संगठन है। इसका लक्ष्य संवाद और सहयोग के माध्यिम से क्षेत्र में शांति, व्या पार और विकास को बढ़ावा देना है। सार्क सचिवालय काठमांडु (नेपाल) में स्थित है।